मध्य प्रदेशराज्य

सचिन तेंदुलकर मार्ग का रुका काम तत्काल शुरू करने के निर्देश, बकायेदार ठेकेदारों पर होगी कार्रवाई

ग्वालियर
नगर निगम अपर आयुक्त एवं स्मार्ट सिटी सीईओ टी. प्रतीक राव ने गुरुवार को मोती महल स्थित सभाकक्ष में स्मार्ट सिटी की विभिन्न परियोजनाओं की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में उन्होंने विशेष रूप से सचिन तेंदुलकर मार्ग के निर्माण कार्य में बरती जा रही शिथिलता और रुकावट पर सख्ती दिखाते हुए संबंधित वेंडर 'तोमर बिल्डर एंड कंस्ट्रक्शन' के प्रतिनिधियों को तलब किया। वेंडर द्वारा पिछले कुछ समय से निर्माण कार्य रोक दिया गया था, जिस पर सीईओ ने कड़ी चेतावनी देते हुए स्पष्ट किया कि कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने वेंडर को तत्काल प्रभाव से काम दोबारा शुरू करने के निर्देश दिए, जिसके बाद वेंडर ने कार्य प्रारंभ करने की बात कही है। इसके साथ ही, सीईओ ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे वेंडर के लंबित बिलों का भी त्वरित निपटान सुनिश्चित करें।

बैठक के दौरान सीईओ राव ने स्मार्ट सिटी की पूर्ण हो चुकी परियोजनाओं के बेहतर संचालन और रखरखाव पर भी विशेष जोर दिया। उन्होंने अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए कि राजस्व देने वाली परियोजनाओं के जो ठेकेदार लगातार चेतावनी के बावजूद बकाया राजस्व जमा करने में लापरवाही बरत रहे हैं, उनके खिलाफ अनुबंध के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि ऐसा करने से परियोजनाओं का दीर्घकालीन व सुचारू संचालन सुनिश्चित होने के साथ-साथ स्मार्ट सिटी की आय में भी वृद्धि हो सकेगी। सीईओ ने कहा कि स्मार्ट सिटी द्वारा पूर्ण की जा चुकी परियोजनाएं शहर के विकास और नागरिक सुविधाओं को बेहतर बनाने के उद्देश्य से तैयार की गई हैं। इसलिए इनके संचालन एवं रखरखाव की स्पष्ट जिम्मेदारी निर्धारित करते हुए ऐसी प्रभावी कार्ययोजना तैयार की जाए, जिससे जनसामान्य इनका अधिकतम लाभ उठा सके। साथ ही, इन परिसंपत्तियों के बेहतर प्रबंधन और राजस्व अर्जन की संभावनाओं का भी परीक्षण किया जाए।

समीक्षा बैठक में आईएसबीटी, मल्टीलेवल कार पार्किंग, फसाड लाइटिंग, सचिन तेन्दूलकर मार्ग सहित अन्य प्रगतिरत और आयमूलक परियोजनाओं की भी विस्तार से चर्चा की गई। सीईओ ने प्रत्येक परियोजना की प्रगति जानी और गुणवत्ता के साथ शेष कार्यों को शीघ्र पूर्ण कराने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि सभी कार्य आपसी समन्वय के साथ निर्धारित समय-सीमा में पूरे किए जाएं और जिन परियोजनाओं की गति किन्हीं कारणों से प्रभावित हो रही है, उनके लिए विशेष रणनीति बनाकर बाधाओं का तत्काल निराकरण किया जाए।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button