
दुर्ग.
दुर्ग में शिक्षा के नए नए आयामों को लगातार अंजाम दिया जा रहा है। स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव की विशेष पहल से अब साइंस सिटी विकसित होने जा रही है। पद्मनाभपुर स्थित शासकीय नवीन स्कूल में साइंस सिटी निर्माण का प्रस्ताव तैयार किया गया है।
जिला शिक्षा विभाग प्रस्तावित बजट में साइंस सिटी पर 1 करोड़ 70 लाख के खर्च का आंकलन किया गया है। दरअसल, साइंस सिटी एक ऐसा बड़ा विज्ञान केंद्र या परिसर होता है, जहां मनोरंजन के साथ-साथ विज्ञान और तकनीक की शिक्षा दी जाती है। यहां लोग, विशेषकर बच्चे, विज्ञान के नियमों को खेल-खेल में और प्रयोगों के जरिए आसानी से समझ सकते हैं। गजेंद्र यादव की इस पहल से साइंस के बच्चों को एक नई दिशा मिलेगी। भारत में कोलकाता स्थित साइंस सिटी सबसे बड़ा और पहला प्रमुख विज्ञान केंद्र है, इसलिए कोलकाता को ‘भारत का साइंस सिटी’ भी कहा जाता है।
इसके अलावा अहमदाबाद (गुजरात) और कपूरथला (पंजाब) में भी प्रसिद्ध साइंस सिटी बने हुए हैं। रायपुर में भी साइंस सेंटर विकसित की गई है इनकी मुख्य विशेषताओं में मनोरंजन और ज्ञान यह सिर्फ एक शांत संग्रहालय नहीं होता, बल्कि यहां थ्रीडी थिएटर, स्पेस शो और चलती-फिरती प्रदर्शनियां होती हैं। इंटरएक्टिव मॉडल के तहत यहां आगंतुकों को विज्ञान से जुड़े मॉडलों को खुद छूने और इस्तेमाल करने का मौका मिलता है। जाहिर है दुर्ग में साइंस सिटी के विकसित होने से विद्यार्थियों में वैज्ञानिक अभिरुचि बढ़ेगी।





