राहुल गांधी के मनुस्मृति बयान पर योगी का हमला, बोले- भारत का भविष्य क्यों बिगाड़ना चाहते हैं?

लखनऊ
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को राहुल गांधी के मनुस्मृति वाले बयान की तीखी आलोचना की। साथ ही उन्होंने लोकसभा नेता प्रतिपक्ष से सवाल किया कि वह क्यों अर्बन नक्सलियों के हाथों भारत की वर्तमान पीढ़ी के भविष्य को खराब करना चाहते हैं?
सोमवार को योगी आदित्यनाथ 1857 के प्रथम स्वाधीनता संग्राम के अमर नायक अवध केसरीराना बेनी माधव बख्श सिंह की 222वीं जयंती पर रायबरेली में आयोजित भाव समर्पण समारोह में पहुंचे थे। इस अवसर पर उन्होंने 21 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से नवनिर्मित 'राना बेनी माधव बख्श सिंह स्मृति सभागार' का लोकार्पण, स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों, शहीदों के परिजनों का सम्मान, अवध केसरी स्मारिका और विशेष आवरण (स्पेशल कवर) का विमोचन भी किया। इस मौके पर उन्होंने केंद्र के विपक्षी नेता राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला।
भारत की विरासत को बर्बाद करना चाहते हैं राहुल
रायबरेली के सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के गढ़ में मनुस्मृति को लेकर उनके पुणे में दिये गये कथित बयान का जिक्र करते हुए योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भारत को राहुल गांधी से व्यक्तिगत तौर पर कोई उम्मीद नहीं है लेकिन लोकसभा में आपके पास जो नेता प्रतिपक्ष का पद है उससे जरूर उम्मीद है। अपने सवालों को विस्तार देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, 'आप क्यों भारत की विरासत को बर्बाद करना चाहते हैं, क्यों भारत के भविष्य के साथ खिलवाड़ करना चाहते हैं? आपसे एक जिम्मेदार नेता प्रतिपक्ष के रूप में सकारात्मक भूमिका की अपेक्षा यह देश रखता था, लेकिन आपने उन भूमिकाओं को बर्बाद कर दिया।
गांधी परिवार को ढोता रहा रायबरेली और अमेठी
योगी आदित्यनाथ ने अपने भाषण में आगे कहा, 'आपने उन जिम्मेदारियों से अपने आपको पूरी तरह अलग कर दिया। अमेठी और रायबरेली इस परिवार को ढोता तो रहा, लेकिन इस क्षेत्र के सामने इस परिवार ने हमेशा पहचान का संकट खड़ा किया। यहां के संस्थानों के नाम, यहां के स्मारकों के नाम, एक परिवार के नाम पर हो जाएं, इनको अच्छा लगता था, लेकिन राना बेनी माधव बख्श सिंह या किसी वीरा पासी के नाम पर आपने या आपके लोगों ने सोचा भी नहीं।'
राहुल गांधी ने मनुस्मृति के नियम को बताया था शर्मनाक
दरअसल, कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने शनिवार को पुणे में कांग्रेस के युवा संपर्क कार्यक्रम छात्रों की गूंज में कहा था कि महिलाओं का अपना अस्तित्व है। उनकी पहचान को उनके पिता, पति या बेटों के अधीन नहीं रखा जाना चाहिए। उन्होंने मनुस्मृति के उस नियम को शर्मनाक बताया, जिसके अनुसार महिला को जीवन के हर चरण में पुरुष रिश्तेदारों के अधीन रहना चाहिए।





