ईरान-अमेरिका जंग में न्यूक्लियर अटैक की आहट? खाड़ी देशों में हड़कंप, ट्रंप ने परमाणु बम फोड़ा तो क्या होगा?

वाशिंगटन
ईरान-अमेरिका की जंग अब न्यूक्लियर अटैक तक पहुंच गई है. अमेरिका की पूर्व कांग्रेस वुमन मार्जोरी टेलर ग्रीन ने डोनाल्ड ट्रंप की न्यूक्लियर अटैक वाली प्लानिंग लीक कर दी थी. उन्होंने दावा किया था कि वो ईरान पर परमाणु बम फोड़ने के बारे में विचार कर रहे हैं. इस बीच अब ईरान ने भी ऐसा ऐलान कर दिया है, जिसक बाद खाड़ी देशों में हड़कंप मच गया है. अब हर तरफ यही चर्चा है कि अगर ट्रंप ने वाकई परमाणु बम गिराया, तो गल्फ देशों का क्या होगा? इसी खौफ के बीच इरानी सांसद फिदा हुसैन मलेकी के बयान ने आग में घी डालने का काम किया है।
ईरान-अमेरिका बीच होने वाली है न्यूक्लियर जंग?
अमेरिका और ईरान के बीच जारी जंग अब उस डरावने मोड़ पर पहुंच चुकी है, जहां परमाणु हमले की धमकियां खुलेआम दी जाने लगी हैं. अगर डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन ने ईरान पर एटम बम फोड़ने की बेवकूफी की, तो क्या होगा? इस एक सवाल ने न सिर्फ वाशिंगटन और तेहरान में बल्कि पूरे खाड़ी देशों में हड़कंप मचा दिया है. सऊदी अरब, यूएई और कतर जैसे देश अब थर-थर कांप रहे हैं क्योंकि ईरान ने साफ कह दिया है कि अगर किसी भी खाड़ी देश ने अमेरिका को मदद दी, तो उसे भी भस्म होने से कोई नहीं बचा पाएगा।
ये पूरा बवाल तब शुरू हुआ जब अमेरिकी मीडिया में यह खबरें उछलीं कि ट्रंप प्रशासन ईरान के खिलाफ परमाणु विकल्प का इस्तेमाल करने पर विचार कर सकता है. इसके बाद ईरान की सेना और संसद से जो बयान आए हैं, उन्होंने एक नया बवाल खड़ा कर दिया है।
अगर ट्रंप ने परमाणु बम फोड़ा तो क्या होगा? ईरान ने दिया दो टूक जवाब
ईरानी संसद की राष्ट्रीय सुरक्षा और विदेश नीति समिति के सदस्य फिदा हुसैन मलेकी ने एक इंटरव्यू में साफ-साफ बता दिया है कि अगर अमेरिका ने न्यूक्लियर अटैक किया, तो अंजाम क्या होगा. मलेकी ने कहा, ‘मैं डोनाल्ड ट्रंप की किसी भी बेवकूफी भरी हरकत को खारिज नहीं करता लेकिन मुझे नहीं लगता कि उनमें ऐसा करने की हिम्मत होगी. क्योंकि उनका एक गलत कदम पूरी दुनिया को विनाशकारी युद्ध में धकेल देगा।
जब उनसे सीधा सवाल पूछा गया कि अगर ट्रंप ने सच में परमाणु बम फोड़ दिया तो ईरान क्या करेगा? इस पर मलेकी ने बिना झिझके कहा, ‘अगर ऐसा कोई हमला होता है, तो ईरान भी उसी भाषा और उसी हथियार से जवाब देगा. अमेरिका जिस भी हथियार का इस्तेमाल करेगा, ईरान का पलटवार उसी स्तर का होगा।
हालांकि मलेकी ने खुलकर ये नहीं माना है कि ईरान के पास इस समय परमाणु बम तैयार है या नहीं, लेकिन उनके इस बयान ने अमेरिका और उसके सहयोगियों के पसीने छुड़ा दिए हैं. उन्होंने दावा किया कि ईरान के पास कई ऐसे खतरनाक और आधुनिक हथियार हैं जो अभी तक दुनिया के सामने आए ही नहीं हैं।
खाड़ी देशों में क्यों मचा हड़कंप? ईरान की सीधी धमकी
न्यूक्लियर अटैक की खबरों के बीच सबसे ज्यादा खौफ खाड़ी देशों में देखने को मिल रहा है. वजह है ईरान की सेना के चीफ ऑफ स्टाफ मेजर जनरल अली अब्दुल्लाही की वह सीधी चेतावनी, जिसने गल्फ कंट्रीज की रातों की नींद उड़ा दी है।
जनरल अब्दुल्लाही ने कहा कि खाड़ी के जो देश ये दावा करते हैं कि वे अपनी जमीन का इस्तेमाल अमेरिका को ईरान पर हमले के लिए नहीं करने देंगे, वो गलतफहमी में न रहें. ‘ईरान की बाज जैसी नजरों से कुछ भी नहीं छिप सकता.’ उन्होंने सवाल उठाया कि अगर ये देश शामिल नहीं हैं, तो उनके एयरबेस पर अमेरिकी लड़ाकू विमान और हवा में ईंधन भरने वाले टैंकर क्या कर रहे हैं?
ईरानी जनरल ने दो टूक लहजे में कहा, ‘हम चेतावनी देते हैं कि अगर किसी भी खाड़ी देश ने हमलावर अमेरिकी सेना को कोई भी सुविधा या मदद दी, तो उसे अमेरिकी सेना का साथी माना जाएगा’. इसका सीधा मतलब ये है कि अगर ट्रंप अमेरिका के किसी खाड़ी स्थित बेस से ईरान पर हमला करते हैं, तो ईरान की मिसाइलों का रुख उन खाड़ी देशों की तरफ भी मोड़ दिया जाएगा।
अगर युद्ध भड़का तो तबाह हो जाएगी पूरी दुनिया
ईरान ने अब केवल अपना बचाव करने के बजाय ‘आक्रामक रणनीति’ अपना ली है. अगर अमेरिका परमाणु बम जैसा आत्मघाती कदम उठाता है या खाड़ी देश अमेरिका की मदद करते हैं, तो यह जंग केवल दो देशों के बीच नहीं रहेगी।
खाड़ी देशों के तबाह होने से पूरी दुनिया में कच्चे तेल की सप्लाई ठप्प हो जाएगी, पेट्रोल-डीजल के दाम आसमान छूने लगेंगे और वैश्विक अर्थव्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो जाएगी. यही वजह है कि ट्रंप के परमाणु बम और ईरान के जवाबी पलटवार की खबरों ने दुनिया भर के नेताओं के माथे पर चिंता की लकीरें खींच दी हैं।





