Home अध्यात्म शुक्र देव का पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र में प्रवेश, 3 राशियों पर बढ़ेगा असर

शुक्र देव का पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र में प्रवेश, 3 राशियों पर बढ़ेगा असर

3
0
Jeevan Ayurveda

ज्योतिष शास्त्र में सुख, समृद्धि और विलासिता के कारक माने जाने वाले शुक्र देव आज अपना नक्षत्र बदलने जा रहे हैं. आज रात ठीक 9 बजकर 51 मिनट पर शुक्र पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र में प्रवेश करेंगे. शुक्र देव इस नक्षत्र में  19 मई 2026 तक विराजमान रहेंगे. शुक्र का अपने ही नक्षत्र में आना कुछ राशियों के लिए भारी पड़ सकता है. इन जातकों को आज रात से ही विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है.

क्या होता है पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र और कितने हैं नक्षत्र?
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, पूरे ब्रह्मांड को 27 नक्षत्रों में बांटा गया है. ये नक्षत्र हैं: अश्विनी, भरणी, कृत्तिका, रोहिणी, मृगशिरा, आर्द्रा, पुनर्वसु, पुष्य, अश्लेषा, मघा, पूर्वाफाल्गुनी, उत्तराफाल्गुनी, हस्त, चित्रा, स्वाति, विशाखा, अनुराधा, ज्येष्ठा, मूल, पूर्वाषाढ़ा, उत्तराषाढ़ा, श्रवण, धनिष्ठा, शतभिषा, पूर्वाभाद्रपद, उत्तराभाद्रपद और रेवती.

Ad

आज रात शुक्र जिस पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र में प्रवेश कर रहे हैं, वह आकाश मंडल का 20वां नक्षत्र है. इसके स्वामी स्वयं शुक्र देव हैं, इसके अधिपति देवता  जल हैं. इस नक्षत्र में होने वाला बदलाव कई राशियों के जीवन में उथल-पुथल मचा सकता है.

इन 3 राशियों को होगा भारी नुकसान
कन्या राशि: शुक्र का यह नक्षत्र परिवर्तन आपके लिए आर्थिक चुनौतियां लेकर आ सकता है. अचानक बढ़ते खर्चों के कारण आपका बजट बिगड़ सकता है, जिससे मानसिक तनाव बढ़ेगा. कार्यक्षेत्र में भी सावधानी बरतें.

वृश्चिक राशि: आपके लिए यह समय स्वास्थ्य के लिहाज से कमजोर रह सकता है. वाणी दोष के कारण परिजनों या मित्रों से विवाद की स्थिति बन सकती है. निवेश के मामलों में अभी हाथ रोकना ही बेहतर होगा.

मकर राशि: मकर राशि के जातकों को कार्यों में बाधाओं का सामना करना पड़ सकता है. बनते हुए काम बिगड़ सकते हैं या उनमें देरी हो सकती है. वाहन चलाते समय और कानूनी कागजों पर हस्ताक्षर करते समय विशेष सावधानी रखें.

परेशानियों से बचने के लिए करें ये राहत के उपाय
जिन राशियों को नुकसान की आशंका है, वे आज रात या कल शुक्रवार से ये उपाय शुरू कर सकते हैं:

शुक्रवार के दिन सफेद वस्तुओं जैसे दूध, दही, चीनी या सफेद मिठाई का दान करें.

नियमित रूप से शुक्र के मंत्र 'ॐ शुं शुक्राय नमः' का 108 बार जाप करें.

अपने आसपास सफाई रखें और इत्र (Perfume) का नियमित प्रयोग करें, इससे शुक्र के नकारात्मक प्रभाव कम होते हैं.

Jeevan Ayurveda Clinic

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here