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सिंगरौली के राजवीर सिंह बने भारतीय सेना के लेफ्टिनेंट, CDS परीक्षा दूसरे प्रयास में की क्लियर

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सिंगरौली
 सिंगरौली जिले के रहने वाले राजवीर सिंह ने बड़ी सफलता हासिल की है. यूपीएससी (यूनियन पब्लिक सर्विस कमीश) द्वारा आयोजित सीडीएस (Combined Defence Services) परीक्षा में सफल होकर भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट बन गए हैं. राजवीर सिंह सीडीएस परीक्षा में पास होने वाले सिंगरौली जिले के प्रथम व्यक्ति बन गए हैं. बताया जा रहा है उन्होंने दूसरे प्रयास में यह सफलता हासिल की है.

इस खबर के बाद परिवार और क्षेत्र के लोगों में खुशी का माहौल है. उसके साथ-साथ सेना की तैयारी में लगे हुए युवाओं के लिए प्रेरणा और मिसाल बन गए हैं. राजवीर सिंह एक मध्यम वर्गीय परिवार से आते हैं. जिनके पिता सामान्य एनसीएल कर्मी हैं. राजवीर सिंह ने अपनी एकाग्रता और मेहनत के दम पर यूपीएससी द्वारा आयोजित सीडीएस की परीक्षा में सफलता हासिल की है.

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सामान्य पारिवार से आते हैं राजवीर सिंह
सिंगरौली जिले में सीडीएस की परीक्षा में सफलता प्राप्त करने वाले पहले व्यक्ति राजवीर सिंह का पूरा परिवार बिल्कुल सामान्य बैकग्राउंड से आता है. उनके पिता रामेश्वर सिंह चंदेल जो कि एनसीएल में कर्मचारी हैं और राजवीर सिंह का पूरा परिवार सिंगरौली जिले के नवानगर क्षेत्र के इटमा गांव का निवासी है. अब इस खबर और राजवीर की सफलता के बाद पूरे परिवार में हर्ष और खुशी का माहौल है. पूरे परिवार और खास तौर पर राजवीर के पिता को पूरी उम्मीद थी कि उनका बेटा अपने लक्ष्य में सफल अवश्य होगा. राजवीर शुरू से ही अपनी एकाग्रता और मेहनत में हमेशा आगे रहता था.

सिंगरौली में हुई राजवीर की स्कूली शिक्षा
सीडीएस की परीक्षा में सफलता हासिल करने वाले राजवीर सिंह ने कक्षा 12वीं तक की पढ़ाई सिंगरौली जिले के निगाही में स्थित डीपीएस स्कूल से की है. इसके बाद वह ग्रेजुएशन करने के लिए दिल्ली विश्वविद्यालय गए जहां उन्होंने अपनी ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी की. इसके साथ-साथ उन्होंने यूपीएससी की तैयारी भी शुरू कर दी थी. एक बार असफल होने के बाद उन्हें दूसरे प्रयास में संयुक्त रक्षा सेवा परीक्षा पास करने में सफलता मिली.

केवल 5 घंटे करते थे पढ़ाई
ईटीवी भारत से बात करते हुए राजवीर सिंह ने कहा कि, ''वह 10 से 12 घंटे पढ़ाई नहीं करते थे. वह दिन में मात्र चार-पांच घंटे ही पढ़ते थे. लेकिन जब तक वह पढ़ते थे पूरी एकाग्रता और लगन के साथ.'' राजवीर कहते हैं कि, ''उन्हें प्रकृति से काफी प्रेम है, उनको पर्यटन क्षेत्र को देखना वहां जाना और पर्यटन क्षेत्र के बारे में जानना बेहद पसंद है.'' राजवीर कहते हैं कि, ''जो भी लोग यूपीएससी की परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं, वह घंटे के हिसाब से नहीं बल्कि जितने भी समय पढ़ाई कर रहे हैं एकाग्रता और मेहनत से करें तो सफलता उनको अवश्य मिलेगी.''

राजवीर कहते हैं कि, ''उनके पिता और परिवार हमेशा से उनकी पढ़ाई को लेकर गंभीरता से रहा है. उनके पिता हमेशा पढ़ाई के महत्व के बारे में बताते थे.'' राजवीर कहते हैं कि, ''माता-पिता द्वारा दिए गए बेहतर माहौल और गाइडेंस के परिणाम के कारण ही आज यूपीएससी की सीडीएस परीक्षा पास की है.''

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