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सीएम याेगी के हाथों मिलेगी स्वच्छ ऊर्जा और चिकित्सा के प्रोजेक्ट की सौगात

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गोरखपुर.
गोरखपुर को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हाथों स्वच्छ ऊर्जा और चिकित्सा सेवा की दो सौगात मिलने जा रही है। रविवार को मुख्यमंत्री रीजेंसी समूह के हॉस्पिटल और टोरेंट समूह के ग्रीन हाइड्रोजन प्लांट का लोकार्पण करेंगे। 

मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर और इलाज संबंधी सेवाओं का हब बन रहे गोरखपुर में रविवार को निजी क्षेत्र की एक महत्वपूर्ण परियोजना का नाम भी जुड़ने जा रहा है। इस दिन चिकित्सा सेवा के क्षेत्र में सुपरिचित नाम रीजेंसी हेल्थ (हॉस्पिटल) की गोरखपुर में स्थापित नई यूनिट का लोकार्पण मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ करेंगे। सीएम इस हॉस्पिटल के पेशेंट एप 'रीजेंसी माई केयर' को भी लांच करेंगे। 

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रीजेंसी हेल्थ समूह ने गोरखपुर में अपनी नई हॉस्पिटल यूनिट मेडिकल कॉलेज रोड पर गुलरिहा थाने के सामने स्थापति की है। इस समूह के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक डॉ. अतुल कपूर के मुताबिक गोरखपुर में बना रीजेंसी हॉस्पिटल 150 बेड की क्षमता का है जिसे 250 बेड तक विस्तारित करने की योजना है। 300 करोड़ रुपये की निवेश वाली इस चिकित्सकीय सेवा परियोजना से 1000 लोगों के लिए रोजगार के अवसर भी सृजित हो रहे हैं। इस हॉस्पिटल की सेवाओं का लाभ गोरखपुर के साथ ही पूर्वी उत्तर प्रदेश के अन्य जिलों, बिहार और नेपाल के सीमावर्ती इलाकों में रहने वाले लोगों को मिलेगा।

गोरखपुर में वाहनों के लिए सीएनजी और घरों के लिए पाइप्ड नेचुरल गैस सप्लाई की पहल करने वाले टोरेंट समूह ने स्वच्छ ऊर्जा में योगदान देने वाले ग्रीन हाइड्रोजन प्लांट की स्थापना की है। 72 टन प्रतिवर्ष उत्पादन क्षमता वाले प्लांट का उद्घाटन रविवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ करेंगे। 
टोरेंट ग्रुप के अधिशासी निदेशक डॉ. नरेंद्र कुमार के अनुसार गोरखपुर के खानिमपुर में स्थापित ग्रीन हाइड्रोजन प्लांट समूह का एक पायलट प्रोजेक्ट है। इस प्रोजेक्ट के तहत सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क में प्राकृतिक गैस के साथ 2 प्रतिशत ग्रीन हाइड्रोजन का मिश्रण किया जाएगा। यह ग्रीन हाइड्रोजन 2 मेगावाट नवीकरणीय ऊर्जा से विद्युत अपघटन द्वारा उत्पादित किया जाएगा। इस प्लांट से हर साल 72 टन ग्रीन हाइड्रोजन का उत्पादन होगा जिससे 500 टन कार्बन उत्सर्जन की बचत होगी। प्राकृतिक गैस के साथ ग्रीन हाइड्रोजन का अपमिश्रण आयातित जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता घटाने तथा स्वच्छ सतत ऊर्जा भविष्य की ओर अग्रसर करने में सहायक होगा।

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