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प्राकृतिक आपदा का प्रकोप: मौत, तबाही और लापता ज़िंदगियाँ

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नई दिल्ली

मौसम विभाग ने हिमाचल प्रदेश के तीन जिलों में सोमवार और मंगलवार को अत्यधिक भारी बारिश का ‘ऑरेंज' अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग ने बताया कि सोमवार को कांगड़ा, मंडी और सिरमौर के कुछ इलाकों में और मंगलवार को शिमला, सोलन तथा सिरमौर में अत्यधिक भारी बारिश होने की संभावना है। साथ ही, विभाग ने शुक्रवार तक 12 में से कुछ जिलों में भारी बारिश का 'येलो अलर्ट' भी जारी किया है।

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राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (एसईओसी) के अनुसार, आपदा प्रभावित मंडी जिले की 157 सड़कों सहित कुल 208 सड़कें बारिश के कारण वाहनों के आवागमन के लिए बंद है जबकि सोमवार सुबह तक 745 जलापूर्ति योजनाएं और 139 बिजली वितरण ट्रांसफार्मर प्रभावित हुए हैं।

 770 करोड़ रुपए से ज्यादा का नुकसान
हिमाचल प्रदेश को चालू मानसून सीजन में पहले ही 770 करोड़ रुपए से ज्यादा का नुकसान हो चुका है। एसईओसी ने बताया कि 20 जून को मानसून की शुरुआत से लेकर 13 जुलाई तक, 98 लोगों की मौत हो चुकी है, जिसमें 57 मौत बारिश से जुड़ी घटनाओं में और 41 मौतें सड़क दुर्घटनाओं में हुई जबकि 178 घायल हुए हैं और 34 लापता हैं। राज्य में 31 बार बाढ़, 22 बार बादल फटने और 18 बार भूस्खलन की घटनाएं हुई हैं।

इस बीच, राज्य के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश हुई और सिरमौर जिले के राजगढ़ में रविवार शाम से 72 मिमी बारिश हुई, जबकि खदराला में 42.4 मिमी, पच्छाद में 38 मिमी, मंडी में 26.4 मिमी, भुंतर में 22 मिमी, शिलारू में 14.2 मिमी, सेओबाग में 12.2 मिमी, शिमला में 11.5 मिमी और रोहड़ू में 10 मिमी बारिश हुई।

सेहत को बेहतर बनाए रखने के लिए खान-पान पर नियंत्रण जरूरी है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि केवल चीनी कम करना ही पर्याप्त नहीं, बल्कि तले-भुने खाद्य पदार्थों का सेवन भी सीमित करना जरूरी है। हालांकि लोग अक्सर मीठे से बचते हैं, पर समोसा, पकौड़ा, पूरी, फ्रेंच फ्राइज जैसे तेलीय व्यंजनों को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बना लेते हैं।

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