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जल संरक्षण की दिशा में निरंतर बढ़ रहे कदम : जिले में रूफ वाटर हार्वेस्टिंग को मिल रहा बढ़ावा

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भोपाल

जल शक्ति अभियान: कैच द रेन के तहत “जल संचय, जन भागीदारी” पहल में खंडवा जिले ने जल संरक्षण के क्षेत्र में ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करते हुए केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय की रैंकिंग में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। इसके अंतर्गत जिले ने 1,29,046 से अधिक जल संरक्षण संरचनाओं का निर्माण और पंजीकरण कर नया कीर्तिमान स्थापित किया है। इस उपलब्धि से जिले में उत्साह की लहर है। जल संरक्षण के लिए नागरिकों ने जिला प्रशासन के साथ कंधे से कंधा मिलाकर कार्य किया है।

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जल संरक्षण के इन प्रयासों से न केवल भूजल स्तर में उल्लेखनीय सुधार हुआ है, बल्कि वर्षा के जल का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित कर भविष्य की पीढ़ियों के लिए जल सुरक्षा को मजबूत किया गया है। स्थानीय निवासियों ने कहा कि “हमारा जिला जल संरक्षण में देश में अव्वल है और यह हम सभी के लिए गौरव का क्षण है। हम प्रशासन के साथ मिलकर हर बूंद को संरक्षित करने के लिए और अधिक प्रयास करेंगे।”

कलेक्टर ऋषभ गुप्ता के कुशल नेतृत्व में जिला प्रशासन ने जल संरक्षण को जन-आंदोलन का रूप दे दिया है। खास तौर पर रूफ वाटर हार्वेस्टिंग को बढ़ावा देने के लिए जिले में व्यापक स्तर पर कार्य हो रहा है। सभी शासकीय भवनों में रूफ वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम स्थापित करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके बाद यह अभियान शासकीय आवासों, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों और दो मंजिला आवासीय भवनों तक चरणबद्ध रूप से विस्तारित होगा।

कलेक्टर ने कहा, “जल है तो जीवन है। रूफ वाटर हार्वेस्टिंग के माध्यम से हम न केवल जल संकट से निपट सकते हैं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण में भी महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं।” उन्होंने जिले की सभी पक्की छतों पर रूफ वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम स्थापित करने का लक्ष्य रखा है और जनता से इस अभियान में सक्रिय भागीदारी करने की अपील की है।

इस अभियान को गति देने के लिए हाल ही में एक कार्यशाला का आयोजन किया गया, जिसमें ग्राम पंचायत प्रतिनिधियों, स्थानीय नागरिकों और विशेषज्ञों ने हिस्सा लिया। कार्यशाला में रूफ वाटर हार्वेस्टिंग की तकनीकी जानकारी, इसके लाभ और स्थापना प्रक्रिया पर विस्तृत चर्चा हुई। विशेषज्ञों ने बताया कि यह तकनीक भूजल स्तर को बढ़ाने के साथ वर्षा जल के बेहतर उपयोग को सुनिश्चित करती है। जिले में निरंतर जल संवाद किए जा रहे हैं। अब नुक्कड़ नाटक, कार्यशालाओं एवं संगोष्ठियों के माध्यम से भी जनता को जागरूक किया जाएगा।

जिला प्रशासन ने “जहां गिरे, जब गिरे-वर्षा का जल संचित करें” के मंत्र को साकार करने का संकल्प लिया है। यह उपलब्धि दर्शाती है कि सामूहिक प्रयासों से जल संरक्षण का लक्ष्य न केवल संभव है, बल्कि यह एक सुरक्षित और समृद्ध भविष्य की नींव भी रखता है। खंडवा की यह उपलब्धि और जनता-प्रशासन की संयुक्त प्रतिबद्धता पूरे देश के लिए प्रेरणा बन रही है।

 

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