नई दिल्ली
दिल्ली में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की प्रक्रिया 30 जून से बूथ स्तर अधिकारियों (बीएलओ) द्वारा घर-घर जाकर सत्यापन के साथ पारदर्शी तरीके से शुरू होगी। दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी अशोक कुमार ने बुधवार को यह जानकारी दी।
अशोक कुमार ने कहा कि 20 जून से 29 जून तक बूथ स्तर के अधिकारियों (बीएलओ) का प्रशिक्षण, गणना प्रपत्रों और अन्य दस्तावेजों की छपाई जैसी आंतरिक तैयारियां की जाएंगी। उन्होंने कहा कि सत्यापन प्रक्रिया के हर चरण में जांच की व्यवस्था रहेगी तथा राजनीतिक दलों को बूथ स्तर के एजेंटों (बीएलए) के माध्यम से इसमें शामिल किया जाएगा। सभी जानकारी मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय की वेबसाइट के जरिए साझा की जाएगी।
कुमार ने कहा कि जागरूकता गतिविधियां चलाई जाएंगी और मतदाताओं को गणना प्रपत्र जमा करने में सहायता के लिए विशेष शिविर लगाए जाएंगे। मतदाताओं को गणना प्रपत्र की दो प्रतियां दी जाएंगी, जिनमें से एक भरकर बीएलओ को लौटानी होगी। मतदाताओं को भरे हुए गणना प्रपत्र ऑनलाइन जमा करने की सुविधा भी मिलेगी।
इस प्रक्रिया में एक अक्टूबर तक 18 वर्ष या उससे अधिक आयु के सभी मतदाताओं को शामिल किया जाएगा। मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) कार्यालय ने कहा कि एसआईआर के दौरान 13,000 से अधिक बीएलओ घर-घर जाकर गणना कार्य करेंगे। प्रत्येक मौजूदा मतदाता, जिसका नाम मतदाता सूची में दर्ज है, को गणना प्रपत्र (दो प्रतियों में) दिया जाएगा, जिसे भरकर एक प्रति बीएलओ को लौटानी होगी।
बीएलओ द्वारा घर-घर जाकर सत्यापन 30 जून से शुरू होकर 29 जुलाई तक चलेगा जिसके बाद पांच अगस्त को मसौदा मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी। एसआईआर के बाद अंतिम मतदाता सूची सात अक्टूबर को जारी की जाएगी।
13000 से ज्यादा BLO करेंगे गणना
मतदाताओं को गणना प्रपत्रों की दो प्रतियां प्रदान की जाएंगी, जिनमें से एक को भरकर बीएलओ को वापस करना होगा। मतदाताओं के पास भरे हुए गणना प्रपत्रों को ऑनलाइन जमा करने की सुविधा भी होगी। इस प्रक्रिया में 1 अक्टूबर की पात्रता तिथि तक 18 वर्ष और उससे अधिक आयु के सभी मतदाता शामिल होंगे।
एसआईआर के दौरान, 13,000 से अधिक BLO घर-घर जाकर गणना करेंगे। दिल्ली के मुख्य चुनाव आयोग के कार्यालय द्वारा जारी एक बयान के अनुसार, प्रत्येक मौजूदा मतदाता, जिसका नाम मतदाता सूची में दर्ज है, को एक गणना प्रपत्र (दो प्रतियों में) दिया जाएगा, जिसे उन्हें भरकर एक प्रति BLO को वापस करनी होगी।
बीएलओ द्वारा घर-घर जाकर की जाने वाली गणना 30 जून से शुरू होकर 29 जुलाई को समाप्त होगी, जिसके बाद मतदाता सूची का मसौदा 5 अगस्त को प्रकाशित किया जाएगा। एसआईआर के बाद अंतिम मतदाता सूची 7 अक्टूबर को प्रकाशित की जाएगी।
SIR पर EC को SC से क्लीन चिट
सुप्रीम कोर्ट ने एसआईआर (Special Intensive Revision) प्रक्रिया की संवैधानिक वैधता को बरकरार रखा है। अदालत ने माना है कि यह प्रक्रिया संविधान और कानून के अनुरूप है। आसान शब्दों में समझे तो अदालत का मानना है कि एसआईआर कराना चुनाव आयोग का अधिकार है और इससे मतदाता सूची को सही और पारदर्शी बनाए रखने में मदद मिलती है। यह एक वैध और संवैधानिक प्रक्रिया है। अदालत ने कहा कि चुनाव आयोग ने कानून के हिसाब से SIR किया और प्रक्रिया में कोई खामी नहीं है। EC ने अपनी शक्तियों का गलत इस्तेमाल नहीं किया।









