Home छत्तीसगढ़ छत्तीसगढ़ में पेट्रोल-डीजल को लेकर अफरा-तफरी, अफवाहों से बढ़ी पैनिक बाइंग

छत्तीसगढ़ में पेट्रोल-डीजल को लेकर अफरा-तफरी, अफवाहों से बढ़ी पैनिक बाइंग

6
0
Jeevan Ayurveda

रायपुर

पश्चिम एशिया में ईरान-इजरायल तनाव और ईंधन संकट की आशंकाओं के बीच छत्तीसगढ़ में पेट्रोल-डीजल को लेकर कृत्रिम संकट की स्थिति बन गई है। बालोद, जगदलपुर, गुरुर और धमतरी समेत कई जिलों में पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं।

Ad

लोग जरूरत से ज्यादा ईंधन भरवा रहे हैं, जिससे कई पेट्रोल पंपों का स्टॉक समय से पहले खत्म हो गया। कुछ पंपों पर तो 'नो डीजल' और 'पेट्रोल नहीं है' के पोस्टर तक लगाने पड़े हैं।

बालोद और बस्तर में गंभीर हुए हालात

बालोद जिले में स्थिति सबसे ज्यादा गंभीर बताई जा रही है। जिले के 76 पेट्रोल पंपों में से 10 पंपों का स्टॉक पूरी तरह खत्म हो चुका है। जिला मुख्यालय के संतोष पेट्रोल पंप और झलमला स्थित पंपों पर “डीजल नहीं है” के बोर्ड लगा दिए गए हैं। हालात ऐसे हैं कि ट्रक और बस चालक ईंधन के लिए भटक रहे हैं, जबकि कई मालवाहक वाहन सड़कों किनारे खड़े होने को मजबूर हैं।

पंप संचालकों ने केन, डिब्बों और ड्रम में पेट्रोल-डीजल देने पर भी रोक लगा दी है। वहीं बस्तर संभाग के जगदलपुर में भी अफवाहों के चलते भारी भीड़ उमड़ पड़ी। लोगों ने वाहनों की टंकियां फुल कराने के साथ अतिरिक्त ईंधन जमा करना शुरू कर दिया। हाईवे स्थित सोढ़ी पेट्रोल पंप के मैनेजर सुंदरलाल के मुताबिक सामान्य दिनों की तुलना में बिक्री दोगुनी से अधिक रही और एक दिन में साढ़े चार हजार लीटर से ज्यादा ईंधन बिक गया।

गुरुर और धमतरी में अफरा-तफरी का माहौल

गुरुर तहसील के बोहारडीह पेट्रोल पंप में भी बुधवार को अफरा-तफरी का माहौल रहा। सुबह से ही दोपहिया और चारपहिया वाहनों की लंबी कतारें मुख्य सड़क तक पहुंच गईं। बड़ी संख्या में लोग प्लास्टिक के केन और ड्रम में ईंधन भरवाते नजर आए। घंटों इंतजार के बावजूद लोग लाइन छोड़ने को तैयार नहीं थे। पंप कर्मचारियों को भीड़ नियंत्रित करने में भारी मशक्कत करनी पड़ी।

इधर धमतरी जिले में भी सप्लाई प्रभावित होने लगी है। शहर के रत्नाबांधा रोड और नगरी-धमतरी मार्ग स्थित कुछ पेट्रोल पंपों पर “पेट्रोल-डीजल नहीं है” के बोर्ड लगाए गए। पंप संचालकों का कहना है कि मांग के मुकाबले कम सप्लाई मिल रही है। तीन टैंकर की मांग पर सिर्फ एक टैंकर ही उपलब्ध हो पा रहा है।

प्रशासनिक निर्देश और खाद्य विभाग का दावा

कुछ पंप संचालकों ने बताया कि 200 लीटर से अधिक डीजल देने पर भी अनौपचारिक रोक जैसी स्थिति है। वहीं सरकारी वाहनों के लिए अलग से स्टॉक सुरक्षित रखने के निर्देश दिए गए हैं। इस बीच धमतरी के महापौर रामू रोहरा ई-रिक्शा से नगर निगम कार्यालय पहुंचे, जिसकी शहर में काफी चर्चा रही। हालांकि खाद्य विभाग ने दावा किया है कि प्रदेश में ईंधन की कोई वास्तविक कमी नहीं है।

विभागीय आंकड़ों के अनुसार बालोद जिले में तेल कंपनियों के पास बुधवार तक 13 लाख 42 हजार लीटर पेट्रोल-डीजल उपलब्ध था। अधिकारियों का कहना है कि अफवाहों के कारण अस्थायी दबाव बना है। रायपुर ऑयल डिपो से लगातार टैंकर रवाना किए जा रहे हैं। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और आवश्यकता अनुसार ही ईंधन खरीदें।

 

Jeevan Ayurveda Clinic

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here