Home विदेश H-1B वीज़ा: नया नियम केवल नए applicants पर लागू, अब एकमुश्त देना...

H-1B वीज़ा: नया नियम केवल नए applicants पर लागू, अब एकमुश्त देना होगा शुल्क

37
0
Jeevan Ayurveda

न्यूयॉर्क/वाशिंगटन

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा एच-1बी वीजा की फीस बढ़ाकर एक लाख डॉलर करने के बाद से वीजा धारकों में असमंजस की स्थिति थी। ऐसे में व्हाइट हाउस के एक अधिकारी ने शनिवार (स्थानीय समयानुसार) को स्पष्ट किया कि वीजा पर एक लाख डॉलर फीस सिर्फ नए आवेदकों पर ही लागू होगी। यह स्पष्टीकरण राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा वीजा फीस बढ़ाने के आदेश पर हस्ताक्षर करने के एक दिन बाद आया है। एच-1बी वीजा का इस्तेमाल कंपनियां विदेशी पेशेवरों को अमेरिका में नौकरी देने के लिए करती हैं, जिनमें बड़ी संख्या भारतीयों की होती है।

Ad

व्हाइट हाउस के अधिकारी के अनुसार, 'एच-1बी फीस को लेकर कानूनी चुनौतियां आ सकती हैं। लेकिन अगर यह लागू रही, तो कंपनियों को हर एच-1बी कर्मचारी के लिए एक लाख डॉलर तक चुकाने होंगे।' हालांकि अधिकारी ने साफ किया कि यह फीस सिर्फ नए आवेदकों से ली जाएगी।

21 सितंबर से पहले प्रस्तुत आवेदन नहीं होंगे प्रभावित
वहीं, अमेरिकी नागरिकता और आव्रजन सेवा (यूएससीआईएस) भी इस संबंध में एक्स पर पोस्ट कर नई जानकारी दी है। यूएससीआईएस ने पोस्ट में कहा, 'राष्ट्रपति ट्रंप की नई एच-1बी वीजा आवश्यकता केवल नए, संभावित आवेदनों पर लागू होती है, जो अभी तक दायर नहीं किए गए हैं। 21 सितंबर, 2025 से पहले प्रस्तुत आवेदन प्रभावित नहीं होंगे।'

केरोलिन लेविट ने भी साफ की स्थिति

    यह 1 लाख डॉलर शुल्क वार्षिक नहीं है, बल्कि एकमुश्त (one-time) शुल्क है, जो केवल नये H-1B आवेदन पर लागू होगा।
    जो लोग पहले से H-1B वीजा धारक हैं और फिलहाल देश से बाहर हैं, उन्हें दोबारा अमेरिका लौटने के लिए यह शुल्क नहीं देना होगा।
    मौजूदा H-1B वीजा धारक सामान्य रूप से अमेरिका आ-जा सकते हैं, इस नई घोषणा से उनकी री एंट्री पर कोई असर नहीं पड़ेगा।
    यह नियम केवल नए वीज़ा पर लागू होगा,  नवीनीकरण या मौजूदा वीजा धारकों पर नहीं।
    यह प्रावधान सबसे पहले आगामी H-1B लॉटरी चक्र से लागू होगा।

21 सितंबर की रात से लागू होगा ट्रंप का आदेश
ट्रंप के इस अचानक फैसले का अमेरिका में काम करने वाले भारतीय पेशेवरों पर बहुत गहरा असर पड़ेगा। राष्ट्रपति का यह आदेश 21 सितंबर की रात 12:01 बजे (स्थानीय समयानुसार) से लागू होगा। जैसे ही यह घोषणा हुई, वीजा धारकों और कंपनियों में अफरा-तफरी मच गई। आव्रजन वकीलों और नियोक्ताओं ने सलाह दी कि जो एच-1बी वीजा धारक या उनके परिवारजन काम या छुट्टी के सिलसिले में अमेरिका से बाहर हैं, वे तुरंत अगले 24 घंटे में लौट आएं, वरना उन्हें अमेरिका में प्रवेश से रोका जा सकता है।

ट्रंप की घोषणा के बाद भारतीयों ने भारत यात्रा की रद्द
ट्रंप की इस घोषणा के बाद, अमेरिका में एच-1बी वीजा धारक कई भारतीयों ने भारत आने की अपनी यात्रा रद्द कर दी। कुछ लोग तो हवाई अड्डे पर उड़ान पकड़ने से पहले ही लौट गए, जबकि जो पहले से भारत में हैं, वे जल्द से जल्द वापस लौटने की कोशिश कर रहे हैं। दीपावली और साल के अंत की छुट्टियों से पहले आए इस आदेश ने परिवारों की योजनाएं बिगाड़ दी हैं। एच-1बी वीजा धारकों ने नाम न बताने की शर्त पर बताया कि इस समय उनके बीच 'बेहद घबराहट' और 'चिंता' का माहौल है।

तीन साल के लिए दिया जाता है एच-1बी वीजा
फिलहाल, कंपनियां एच-1बी वीजा के लिए प्रायोजक बनने पर लगभग 2,000 से 5,000 डॉलर तक चुकाती हैं, जो कंपनी के आकार और अन्य कारकों पर निर्भर करता है। एच-1बी वीजा आमतौर पर तीन साल के लिए दिया जाता है और इसे तीन साल के लिए बढ़ाया जा सकता है। यह भारतीय तकनीकी पेशेवरों के बीच बेहद लोकप्रिय है।

भारतीय दूतावास ने मदद के लिए जारी किया मोबाइल नंबर
इस बीच, अमेरिका में भारतीय दूतावास आपातकालीन सहायता चाहने वाले भारतीय नागरिकों की मदद के लिए मोबाइल नंबर जारी किया है। दूतावास ने एक्स पर पोस्ट कर कहा, 'आपातकालीन सहायता चाहने वाले भारतीय नागरिक मोबाइल नंबर +1-202-550-9931 (और व्हाट्सएप) पर कॉल कर सकते हैं। इस नंबर का उपयोग केवल तत्काल आपातकालीन सहायता चाहने वाले भारतीय नागरिकों द्वारा किया जाना चाहिए, न कि नियमित वाणिज्य दूतावास संबंधी पूछताछ के लिए।'

 

Jeevan Ayurveda Clinic

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here